प्रतिदिन स्मरण योग्य शुभ सुंदर मंत्र। संग्रह
प्रात: कर-दर्शनम्
कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
पृथ्वी क्षमा प्रार्थना
समुद्र वसने देवी पर्वत स्तन मंडिते।
विष्णु पत्नी नमस्तुभ्यं पाद स्पर्शं क्षमश्वमेव॥
विष्णु पत्नी नमस्तुभ्यं पाद स्पर्शं क्षमश्वमेव॥